मेट्रो कर्मी ने ₹20,000 नकद, लैपटॉप एवं स्पीकर से भरा बैग यात्री को लौटाया
लखनऊ मेट्रो के लॉस्ट एंड फाउंड सेल ने पेश की ईमानदारी की मिसाल, महज 30 मिनट में यात्री को मिला सामान
लखनऊ। लखनऊ मेट्रो का बेहद चर्चित लॉस्ट एंड फाउंड सेल यात्रियों का खोया कीमती सामान लौटाने में अव्वल साबित हो रहा है। एक बार फिर मेट्रो कर्मियों की ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण सामने आया है, जब सुरक्षा कर्मी ने नकदी, लैपटॉप और स्पीकर से भरा बैग सुरक्षित यात्री तक पहुंचाया।
2017 से अब तक लौटाया जा चुका है करोड़ों का सामान
लखनऊ मेट्रो की 5 सितंबर 2017 को कमर्शियल सेवाएं शुरू होने के बाद से अब तक लॉस्ट एंड फाउंड सेल ने करीब 55 लाख रुपये नकद, करीब 35 लाख रुपये की ज्वैलरी, 930 मोबाइल फोन और 258 लैपटॉप यात्रियों को सुरक्षित लौटाए हैं। यह आंकड़े लखनऊ मेट्रो की कार्यशैली और यात्री सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
सीसीएस एयरपोर्ट स्टेशन पर मिला नगदी और लैपटॉप से भरा बैग
सीसीएस एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन के फ्रिस्किंग पॉइंट पर बुधवार रात करीब 8:40 बजे सुरक्षा कर्मी को एक बैग मिला। इस बैग में 20,000 रुपये नगद, एक लैपटॉप, एक स्पीकर एवं अन्य जरूरी सामान मौजूद था। सुरक्षा कर्मी ने तुरंत बैग को स्टेशन कंट्रोलर के पास जमा कराया।
महज 30 मिनट में यात्री तक पहुंचा उसका सामान
स्टेशन कंट्रोलर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बैग के मालिक की तलाश शुरू की और उनसे संपर्क साधा। रात करीब 09:10 बजे बैग लेने के लिए मेट्रो यात्री स्टेशन पहुंचे। आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद स्टेशन कंट्रोलर ने महज 30 मिनट के भीतर यात्री को उनका बैग सुरक्षित वापस कर दिया। बैग सुरक्षित मिलने पर यात्री ने लखनऊ मेट्रो का आभार जताया और मेट्रो कर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की।
एमडी सुशील कुमार ने की टीम की सराहना
यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि उन्हें अपनी टीम पर गर्व है, जो हर संभव तरीके से जनता की सेवा के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि लखनऊ मेट्रो के लॉस्ट एंड फाउंड सेल की ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा ने यात्रियों का भरोसा जीता है। उन्होंने यह भी कहा कि लखनऊ मेट्रो अन्य किसी भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित, आरामदायक एवं सुविधाजनक है।
